चंडीगढ़/गुरकिरपा ब्यूरो/ 6 /जनवरी 2025

मरीज जिस बीमारी और जिस स्थिति में है, उसके बारे में मिथक और अंधविश्वास को समय रहते दूर किया जाना चाहिए और हमारी टीम ने इसके लिए काम किया, कर रही है और आगे भी बढ़ रही है इसमें यही रहेगा कि मरीज की बीमारी से जुड़ी पूरी कहानी सुनी जाए और वर्तमान समय में मरीज की सामाजिक, सामाजिक परिस्थितियों, भावनाओं और मानसिक प्रवृत्तियों को भी ध्यान में रखा जाए, अगर मरीज की बात डॉक्टरों की टीम समय पर सुनती है और इसका साथ ही मरीज 50% ठीक हो जाता है,
यह बात डॉ. दीपिंदर कपूर और डॉ. सतिंदर कौर चीमा और डॉ. सुखतेज साहनी ने पत्रकारों से बातचीत में कही।
डॉ. सतिंदर कौर चीमा, डॉ. दीपिंदर कपूर और डॉ. सुखतेस साहनी आज एच. एम। एच. हसरत मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के उद्घाटन के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
इस मौके पर सुबह श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ में शामिल हुए, इस मौके पर बातचीत करते हुए डॉ. सतिंदर कौर चीमा ने कहा कि डॉक्टर को मरीज से बातचीत हमेशा निजी रखनी चाहिए, मरीज की पूरी बात सुननी चाहिए और समय पर बात करनी चाहिए. यह जरूरी है कि मरीज को सकारात्मक माहौल में रखा जाए।
पूछे गए एक सवाल के जवाब में डॉ. सतिंदर कौर चीमा ने कहा कि खासकर बच्चों से जुड़ी बीमारियों के मामले में अभिभावकों को समय रहते जागरूक करना जरूरी है. चूँकि बच्चों को भावनात्मक रूप से अधिकांश समय अपने माता-पिता की देखरेख में रहना पड़ता है, इसलिए बच्चों के मामले में माता-पिता की ज़िम्मेदारी अधिक हो जाती है। माता-पिता को बच्चों को शुरुआती दिनों में सकारात्मक माहौल देने की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए, इस मौके पर अनूप संदीप भी मौजूद थे.

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